Sunday, December 14, 2014

Kuch Ankahi Batein

Dhananjay Parmar
Dhananjay Parmar
"मंदिरों", "मस्जिदों" 
और "गुरुद्वारों" की "दीवारें"
सोने की बना दी गयी,

किसी को फिक्र न थी 
कोई बिना "छत" के
भी है मेरे "देश" में