Monday, February 3, 2014

Khafa Bhi Rehte Hain Wafa Bhi Karte Hain

Dhananjay Parmar
Dhananjay Parmar
Khfa Bhi Rahte Hai Or Wafa Bhi krte Hai,!!

Is Tarah Wo Apne Pyar Ko Byan Bhi Krte Hai,!!

Jane Kesi Narajgi Hai Unko Hmse,!!

Pana Bhi Chahte Hai Or Khone Ki Dua Bhi Krte HaI...!!

Hi friend’s
This is just poem and shayari,
And Sufi Story



कोई किसी का भाग्य नहीं लिखता और ना ही कोई
भाग्य हाथों की लकीरों में या मस्तिष्क की रेखाओं
में लिखा होता है ये सभी हमको मूर्ख बनाकर
कर्महीन बनाये रखने का प्रयास मात्र है भाग्य
तो सिर्फ आपके कर्म से बनता है भाग्य कोई
ईश्वर या अलौकिक शक्ति नहीं बनाती बल्कि भाग्य
तो मनुष्य द्वारा ही निर्मित होता है अगर भाग्य
पहले से ही लिखा होता तो -

1.
कोई भी अपने बचचे
को पढने के लिए नहीं भेजता बल्कि अपने
बच्चों को घर पर ही रखता क्योंकि अगर उसके
भाग्य में विद्या होगी तो मास्टर उसको घर में
भी आकर पढ़ायेगा या खुद स्कूल लेकर जायेगा

2.
अगर भाग्य पहले से लिखा होता तो कोई भी बीमार
का इलाज नहीं कराता क्योंकि जितने दिन
की बीमारी उसके नसीब में लिखी है उतने दिन
वो भोगता

3.
अगर भाग्य पहले से
लिखा होता तो कोई भी किसी का जीवन बचाने
का प्रयास नहीं करता क्योंकि जितना जीवन
उसका लिखा है उसको वो जरुर पूरा करेगा

4.
अगर भाग्य पहले से लिखा होता तो कोई
किसी की हत्या करने की कोशिश
नहीं करता क्योंकि जितना जीवन किसी का लिखा है
उससे पहले उसको कोई नहीं मार सकता फिर
वो क्यों बिना मतलब में खुद को हत्यारा बनाता ?

5.
अगर भाग्य पहले से लिखा होता तो कोई धन
अर्जित करने के लिए तरह तरह के प्रपंच
नहीं रचता क्योंकि जितना उसके नसीब में लिखा है
वो तो मिलना ही है

6.
अगर भाग्य पहले से
लिखा होता तो कोई समय का पाबंद नहीं होता और
ना ही कहीं समय पर पहुँचने के लिए
हड़बड़ी दिखाता क्योंकि सब सोचते जिस समय
नसीब में पहुँचना लिखा होगा उस समय पहुँच जायेंगे 

7.
अगर भाग्य पहले से लिखा होता तो कोई
भी अपनी शादी पंडित वगैरह से या किसी से
भी नहीं सुझवाता क्योंकि वो तो जब और जिसके
साथ भाग्य में लिखी है अपने आप हो जाएगी

8.
अगर भाग्य पहले से लिखा होता तो कोई भी गर्भ में
भ्रूण की जाँच नहीं करवाता क्योंकि अगर भाग्य में
पहले से ही कन्या लिखी है तो उसको कोई कैसे रोक
सकता है ?

9.
अगर भाग्य पहले से
लिखा होता तो कोई भी अंग्रेजो से आजादी के लिए
संघर्ष नहीं करता क्योंकि जब तक
उनकी गुलामी नसीब में लिखी है करनी पड़ेगी

10.
अगर भाग्य पहले से लिखा होता तो कोई
भी आदमी अपना भाग्य बदलवाने के लिए
ढोंगियों की परिक्रमा नहीं करता क्योंकि अगर भाग्य
पहले से ही लिखा हुआ है तो कोई ढोंगी उसको कैसे
बदल सकता है ? वो आपका भाग्य नहीं बदल
रहा बल्कि अपना समय बदल रहा है
कर्म की पूजा करें
कर्म ही पर्धान है...


Dhananjay Parmar
Dhananjay Parmar