Monday, July 15, 2013

Insaan Tod Dete Hai

Dhananjay Parmar
Kisi ne hum se poucha "WAADO " aur "YAADO" mein kya farq hai......
Hum ne bas itna he kaha ki "waade" insaan tod daite hai aur "yaade" insaan ko tod deti hai....


Hi friend’s
This is just poem and shayari,
And This is Story



एक छोटा बच्चा था
बहुत ही नेक और होशियार था पढ़ने में भी काफी तेज था ..
एक दिन वो मंदिर में गया
मंदिर के अन्दर सभी भक्तो भगवान के दर्शन कर रहे थे और मंत्र बोल रहे थे कुछ भक्त स्तुतिगान भी कर रहे थे कुछ भक्त संस्कृत के काफी मुश्केल श्लोक भी बोल रहे थे।

लड़के ने कुछ देर यह सब देखा और उसके चहेरे पर युही मायूशी छा गयी क्युकी उसे यह सब प्राथना और मंत्र बोलना आता नहीं था
कुछ देर वहा खड़ा रहा और कुछ उपाय खोजने लगा

कुछ पल में ही लड़के के चहेरे पर मुस्कराहट छा गयी उसने अपनी आँखे बंध की , अपने दोनों हाथ जोड़े और दश बार A-B-C-D बोलने लगा।
मंदिर के पुजारी ने यह देखा उसने लड़के से पूछा की "बेटे तुम यह क्या कर रहे हो , लड़के ने पूरी बात बताई "
पुजारी ने कहा कीबेटे भगवान से इस तरह से प्राथना नहीं की जा सकती, तुम तो A-B-C-D बोल रहे हो
लड़के ने उत्तर दिया कीमुझे प्रार्थना , मंत्र , भजन नहीं आते . मुझे सिर्फ A-B-C-D ही आती है . प्रार्थना , मंत्र ,भजन यह सब A-B-C-D से ही बनते है
मैं दस बार A-B-C-D बोल गया हूँ यह सब शब्द में से भगवान अपने लिए खुद प्राथना , मंत्र , भजन बना लेंगे
लड़के की बात सुनकर पुजारी जी चुप हो गए उनको अपनी भूल का एहसास हो गया उन्होंने बच्चें को बहुत सारा प्रसाद दिया और एक प्रार्थना सिखा दी

बोध – सीख
प्रार्थना हदय को साफ और निर्मल करती है ..
शब्दों का महत्व नहीं हैभाव का महत्व है ..
नेक दिल से की हुई प्रार्थना भगवान तक जरूर पहुचती है ..

प्रार्थना के अन्दर जब भाव मिल जाता है तो भगवान के दर्शन जरूर होते हैं।


Insaan Tod Dete Hai

Har koi rishton ki bat karta hai ...
Har koi naton ki bat karta hai....
Magar duniya me har koi rishton se jayda khud ko ahmiyat deta hai.....
Rishta jabhi tak jinda rahta hai jab tak insan ki khudi choti hai aur rishta bara......
Magar aaj ke duar me har kisi ko chah hai bara banane ki ... upar uthne ki.......chahe kimat koi rishta hi kyon na ho.......... ....
Log aage nikal jate hain raund ke har rishte ko......
aur piche reh jata  hai dard aur ansu .........
 
Aaj ka daur bahut matlabi hai......... .....
 
Matlab ki duniya matlab ke yarane .....
Kiya apne kiya begane...... ......... ..
 
Kyon rishton ki kimat nahi samajhta koi......... ..
kyon yuhin rishte tod jata hai koi......... ...
Rishte todhne wale kya jane ke dard kiya hota hai ........... ....